रैंसमवेयर (Ransomware) वायरस को कैसे पहचाने – Wannacrypt अटैक

Ransomware Attack
Ransomware Attack

आजकल सभी लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. इंटरनेट के काफी सारे फायदे हैं लेकिन साथ ही साथ इंटरनेट से काफी सारे खतरे भी है. सभी लोग अपने कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ते हैं, चाहे वो दफ्तर का कंप्यूटर हो या घर का, या फिर किसी का लैपटॉप. और इसी के साथ वायरस से होने वाले खतरे की बढ़ जाते हैं. आज हम पढ़ने वाले हैं ऐसे ही एक शक्तिशाली वायरस के बारे में, और हम उसे पहचानने की कोशिश करेंगे.

रैंसमवेयर वायरस को कैसे पहचाने

12 मई 2017 को दुनिया में सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ था, जिसका नाम था Wannacrypt हमला (Ransomware). इस वायरस ने Windows के ऑपरेटिंग सिस्टम पर हमला किया था. जिसका असर पूरी दुनिया में देखा गया. उस हमले के दौरान किए गए शोध में पता चला की यह हमला रैंसमवेयर वायरस के जरिए किया गया था.

अमेरिकन सुरक्षा संस्था ने बनाया था रैंसमवेयर वायरस

अधिक शोध करने पर पता चला कि यह वायरस अमेरिका के सुरक्षा संस्था ने बनाया था, उनका कहना था की इस वायरस के इस्तेमाल से वह देश की सुरक्षा करने वाले थे. पर किसी ने उसे चुरा लिया और सेक्सी सारे लोगों में बांट दिया, उन लोगों ने इसका गलत उपयोग किया है. यह वायरस कितना शक्तिशाली था कि पूरी दुनिया में इसका असर देखा गया.

क्या है यह रैंसमवेयर वायरस

यह वायरस सिर्फ Windows के संगणको पर यह हमला करने में सक्षम था. जब तक कोई हैकर जानबूझकर इसे किसी संगणक में नहीं डालता था तब तक यह वायरस खुद होकर किसी संगणक में नहीं जाता था. वायरस अटैक होने के तुरंत बाद उस संगणक में कोई भी फाइल खुलना बंद कर देती थी, यहां तक की कोई कुंडल भी ओपन नहीं हो पाता था. अगर किसी ने कोई फाइल या कुंडल खोलने की कोशिश की तो उसके सामने पैसे अदा करने की मांग की जाती थी. एक तरह से यह वायरस संगणक को पूरी तरह से ताले बंद कर देता था. जब तक संगणक का मालिक पैसे ज्यादा नहीं करता था उसके सारे फाइल और कुंडल उसके संगणक में होने के बावजूद उसके नहीं होते थे.

क्या था रैंसमवेयर वायरस का असर दुनिया पर

पूरी दुनिया में लगभग 70 देशों में रैंसमवेयर वायरस ने असर किया था. दुनिया भर के बड़े कारोबार, सरकारी दफ्तर, वित्तीय क्षेत्र और अमीर लोगों के संगणकों पर रैंसमवेयर वायरस ने हमला किया था.

कैसे बचें इस रैंसमवेयर वायरस से

यह वायरस सिर्फ Windows के संगणको पर हमला करने में सक्षम था. इसीलिए माइक्रोसॉफ्ट ने Windows 10 इस ऑपरेटिंग सिस्टम पर एक अपडेट जारी किया था. यदि संगणक पर यहां अपडेट था, उस संगणक को रैंसमवेयर वायरस कुछ नहीं कर पाता था. Windows के हर ऑपरेटिंग सिस्टम पर यह अपडेट जारी हो चुका है, इसलिए जो भी Windows आप इस्तेमाल कर रहे हो उसे पूरी तरह से अपडेट रखें.

ज्यादातर यह वायरस ईमेल के द्वारा फैलाया जाता था. इसलिए किसी भी अनजान ईमेल को ना खोला जाए.

Windows 8/10 इन दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर Windows Defender पूरी तरह से अपडेट रखें, जिसके चलते यह वायरस कुछ नहीं कर पाता है.

आपके संगणक पर जो भी एंटी-वायरस है उसे हमेशा अपडेट रखें.

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